Tuesday, October 13, 2026
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नई आबकारी नीति को धामी मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी

देहरादून, । राज्य कैबिनेट ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। धामी मंत्रिमंडल की सोमवार को हुई में बैठक में नई आबकारी नीति में शराब की तस्करी को रोकने, शराब के दामों को कम करके पड़ोसी राज्यों के समकक्ष करने व सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के उद्देश्य से कई अहम बदलाव किये गए हैं। इसके अलावा कई अन्य अहम प्रस्तावों पर भी मंत्रिमंडल ने अपनी मुहर लगाई है। जिसमें गौला, नंधौर और कोसी में ट्रांसपोर्टर की मांग पर बढ़ाए गए फिटनेस चार्जेस को अगले 1 साल के लिए स्थगित किया गया है। एक साल के बाद बढ़े हुए चार्जेज लगेंगे। इस संबध में पूर्व में मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन दिए गए थे जिसे आज कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई।
राज्य सरकार द्वारा सरलीकारण की दिशा में उठाए गए कदम के अंतर्गत आवास विभाग के तहत यदि किसी को अप्रूव्ड लेआउट एरिया में एकल घर बनाना हो तो वह सेल्फ सर्टिफिकेशन के आधार पर घर का नक्शा विकास प्राधिकरण में जमा कराएगा। 7 दिन में नक्शे में आपत्ति नहीं जताए जाने की स्थिति में नक्शे को पास माना जाएगा और वह अपना घर बनाना शुरु कर सकेगा। आबकारी नीति 2023-24 के अंतर्गत प्रदेश में गोवंश संरक्षण, खेलकूद एवं महिला कल्याण के लिए एक एक रुपए प्रति बोतल अतरिक्त शुल्क लगाया गया है। इस प्रकार कुल एक बोतल पर ₹3 सेस लिया जाएगा। शराब में उत्तर प्रदेश से होने वाली तस्करी की रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की शराब की कीमतों के 150 से 200 रुपए के अंतर को  कम कर ₹ 20 किया गया है।  ताकि शराब तस्करी पर पाबंदी लगाई जा सके। एवं राज्य को अधिक राजस्व प्राप्त हो सके। वर्ष 2023- 24 के लिए आबकारी राजस्व लक्ष्य को 4000 करोड़ रखा गया है। पूर्व में आवंटित शराब की दुकानों में  वर्ष 2023-24 हेतु विदेशी मदिरा में 10 प्रतिशत तथा देशी मदिरा में 15ः पूर्व में निर्धारित राजस्व के अतिरिक्त लिए जाने पर उनका नवीनीकरण किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक हुई। जिसमें प्रदेश की आबकारी नीति 2023-24 को मंजूरी मिल गई। जिसके बाद अब प्रदेश में देशी-विदेशी शराब सस्ती हो जाएगी। उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड में शराब तस्करी को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। प्रदेश में नई आबकारी नीति एक अप्रैल से लागू हो जाएगी। यूपी के मुकाबले प्रदेश में शराब केवल 20 रुपये महंगी रखी जाएगी। इस निर्णय से प्रदेश में शराब के दामों में 100 से 300 रुपये तक प्रति बोतल की कमी आ जाएगी। प्रति बोतल तीन रुपये महिला कल्याण, युवा कल्याण व खेल विभाग और गौवंश संरक्षण के लिए बतौर सेस वसूला जाएगा। यानी हर विभाग को प्रति बोतल शराब की बिक्री पर एक रुपया मिलेगा। एक अनुमान के अनुसार, चार से पांच लाख बोतल शराब प्रतिदिन बिकती है। इस हिसाब से प्रत्येक विभाग को हर महीने एक से डेढ़ करोड़ राजस्व मिलने की उम्मीद है। कैबिनेट ने नई दुकानें खोलने की अनुमति दे दी है। शराब को सस्ती करने के लिए मिनिमम गारंटी ड्यूटी (एमजीडी) में कमी का निर्णय लिया गया है। वहीं, नीति के तहत सरकार ने आबकारी विभाग को वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए चार हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया है। इस साल का लक्ष्य 3600 करोड़ रुपये का है। उत्तराखंड में एकल आवास के नक्शे पास कराने की प्रक्रिया आसान हो गई है। नक्शे के लिए एफिडेविट के साथ आवेदन कर सकते हैं। सात दिन के भीतर अगर प्राधिकरण ने आपत्ति ना लगाई तो भवन निर्माण शुरू कर सकते हैं।

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