Sunday, October 25, 2026
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुंजी में आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में...

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुंजी में आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में किया प्रतिभाग, विजेता धावकों को किया पुरस्कृत

अगले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में माणा पास से औली तक आयोजित होगी ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’: मुख्यमंत्री

सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही सरकार

गुंजी /पिथौरागढ़ : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को जनपद पिथौरागढ़ के गुंजी में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 70 किलोमीटर और 42 किलोमीटर की दौड़ के विजेताओं को पुरस्कृत किया तथा देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे धावकों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री का गुंजी पहुंचने पर रं समुदाय के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान स्थानीय समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विशिष्ट परंपराओं की झलक देखने को मिली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन केवल एक मैराथन नहीं, बल्कि साहस, संकल्प, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति की परीक्षा है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में कठिन रास्तों, विषम मौसम और सीमित ऑक्सीजन के बीच इस प्रकार की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के साहस और उत्साह की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने आयोजन को सफल बनाने में भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के सहयोग की सराहना की तथा उनके अधिकारियों एवं जवानों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि हमारे वीर जवान कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा करने के साथ ही इस प्रकार के आयोजनों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन के प्रथम संस्करण में 700 से अधिक धावकों ने प्रतिभाग किया था। इस आयोजन की सफलता से आदि कैलाश क्षेत्र में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष आदि कैलाश क्षेत्र के लिए जारी इनर लाइन परमिट की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो इस क्षेत्र के प्रति पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बढ़ते आकर्षण को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के सीमांत गांवों को अंतिम गांव के बजाय प्रथम गांव के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ ही पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन जैसे आयोजन सीमांत क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे आयोजनों से होमस्टे संचालकों, स्थानीय गाइडों, परिवहन व्यवसायियों, होटल एवं खानपान से जुड़े लोगों को लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि पर्यटन विकास का सीधा लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और सीमांत गांवों से पलायन रोकने में भी मदद मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस वर्ष नीति घाटी में भी अल्ट्रा रन का सफल आयोजन किया गया। राज्य में ट्रेकिंग, पर्वतारोहण, रिवर राफ्टिंग, कयाकिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन साइक्लिंग और एंगलिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक विविधता साहसिक पर्यटन के लिए अनेक अवसर प्रदान करती है। औली, मुनस्यारी, ऋषिकेश और टिहरी सहित विभिन्न क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन गतिविधियों का निरंतर विस्तार हो रहा है।

मई 2027 में आयोजित होगी 100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि अगले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में राज्य सरकार द्वारा ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ का आयोजन किया जाएगा। यह दौड़ लगभग 5,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माणा पास से प्रारंभ होकर बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली तक पहुंचेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन से देश-विदेश के धावकों को उत्तराखण्ड की प्राकृतिक सुंदरता, हिमालयी भूगोल और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा। साथ ही सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों को पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अनुरूप इन क्षेत्रों में पर्यटन, स्वरोजगार और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Most Popular

Recent Comments