Friday, October 16, 2026
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडआयुष अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी होगी दूर, मंत्री कौशिक ने भर्ती...

आयुष अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी होगी दूर, मंत्री कौशिक ने भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के दिए निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में आयुष चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने और निर्माणाधीन अस्पतालों को जल्द पूरा करने के लिए आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत बन रहे आयुष अस्पतालों की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही अस्पतालों में डॉक्टरों, सहायक कर्मचारियों, दवाइयों और जरूरी चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

टनकपुर और कोटद्वार में निर्माणाधीन अस्पतालों की समीक्षा

बैठक के दौरान मंत्री मदन कौशिक ने राज्य और केंद्र पोषित योजनाओं के तहत बनाए जा रहे राजकीय आयुष चिकित्सालयों की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि टनकपुर में आयुष मिशन योजना के अंतर्गत 50 शैय्या वाले आयुष अस्पताल का निर्माण कार्य 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहीं, पौड़ी जिले के कोटद्वार में बन रहे 50 शैय्या वाले आयुष अस्पताल का निर्माण 65 प्रतिशत तक पूरा हो गया है।

मंत्री ने बताया कि दिनापुर पथरी में 10 शैय्या वाले आयुष चिकित्सालय का निर्माण पूरा कर लिया गया है। वहीं, भीमताल में निर्माणाधीन 10 शैय्या वाले आयुष अस्पताल का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

जाखणीधार और पिरान कलियर की परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

मदन कौशिक ने टिहरी जिले के जाखणीधार में प्रस्तावित 50 शैय्या वाले आयुष अस्पताल के लिए स्थान चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने और निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पिरान कलियर में प्रस्तावित 50 शैय्या वाले यूनानी चिकित्सालय के निर्माण से संबंधित कार्यवाही में तेजी लाने को कहा।

आयुष अस्पतालों में खाली पद जल्द भरने को कहा

मंत्री ने प्रदेश के सभी आयुष केंद्रों और चिकित्सालयों में उपलब्ध सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों, डॉक्टरों और सहायक कर्मचारियों की तैनाती के संबंध में जानकारी ली।

उन्होंने निर्देश दिए कि आयुष चिकित्सालयों में रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। साथ ही अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में आयुर्वेदिक विभाग के निदेशक डॉ. आरपी सिंह, होम्योपैथिक विभाग के निदेशक जेएल फिरमाल, संयुक्त निदेशक डॉ. मिथलेश कुमार, संयुक्त निदेशक एमएस गुंज्याल, एडीसी आलोक कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Most Popular

Recent Comments