Tuesday, August 4, 2026
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडपॉलीहाउस से किसानों की आय में होगी उल्लेखनीय वृद्धि, आधुनिक तकनीकों को...

पॉलीहाउस से किसानों की आय में होगी उल्लेखनीय वृद्धि, आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर दिया जोर

आरआईडीएफ–नाबार्ड के तहत ऑफ-सीजन सब्जी उत्पादन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

पौड़ी- कृषकों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आरआईडीएफ–नाबार्ड के अंतर्गत पॉलीहाउस में ऑफ-सीजन सब्जी उत्पादन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण में किसानों को संरक्षित खेती, ऑफ-सीजन सब्जी उत्पादन, विपणन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।

प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में कृषि विशेषज्ञ डॉ. एस.सी. पंत ने संरक्षित खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि खुले खेत में टमाटर की औसत उत्पादकता लगभग 100 टन प्रति हेक्टेयर होती है, जबकि पॉलीहाउस में यह बढ़कर 250 से 300 टन प्रति हेक्टेयर तक पहुंच सकती है। उन्होंने बताया कि पॉलीहाउस में उत्पादित सब्जियों की गुणवत्ता बेहतर होती है, उनकी शेल्फ लाइफ अधिक होती है तथा कीट एवं रोगों का प्रकोप अपेक्षाकृत कम रहता है। उन्होंने कहा कि संरक्षित खेती अपनाकर किसान 1.5 से 2.5 गुना तक अधिक उत्पादन प्राप्त कर बेहतर आर्थिक लाभ अर्जित कर सकते हैं।

जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी ने किसानों से किसान उत्पादक संगठनों से जुड़कर अपनी उपज का बेहतर विपणन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं एवं विभागीय योजनाओं का लाभ उठाकर फल एवं सब्जियों की गुणवत्ता तथा भंडारण अवधि बढ़ाई जा सकती है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।

प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि ऑफ-सीजन सब्जी उत्पादन पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि संरक्षित खेती से अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता, उच्च बाजार मूल्य, नियंत्रित परागण, आसान पौध संरक्षण तथा खरपतवार रहित खेती जैसे अनेक लाभ प्राप्त होते हैं।

कार्यक्रम में प्रगतिशील कृषक महेंद्र सिंह रावत ने हाइड्रोपोनिक्स तकनीक से लेट्यूस की सफल खेती एवं दिल्ली के बाजारों में उसके विपणन के अनुभव साझा किए। उन्होंने चेरी टमाटर, थाइम, ओरेगैनो तथा बेल पेपर जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की संभावनाओं से भी किसानों को अवगत कराया।

समापन सत्र में नाबार्ड के एडीएम हिमांक शर्मा ने फूलों की क्लस्टर आधारित खेती, नाबार्ड की विभिन्न योजनाओं, किसान क्रेडिट कार्ड तथा किसान उत्पादक संगठनों की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों एवं सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर कृषि को लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित करें।

इस अवसर पर उद्यान विभाग के कर्मचारी तथा विभिन्न कृषक उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Most Popular

Recent Comments