Friday, June 5, 2026
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‘‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि’’ के मंत्र को धरातल पर उतारे विभाग- डीएम

सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों पर डीएम सख्त, डीएम ने विभागों को दी कड़ी हिदायत

जन शिकायतों के समाधान में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त-डीएम

36 दिनों से अधिक लंबित शिकायतों पर पर डीएम ने विभागों को थमाया वार्निंग लेटर, जवाबदेही तय

बैठक में गैरहाजिरी पड़ी भारी, सीएमओ को जिलाधिकारी का नोटिस

हर सोमवार को ‘‘समाधान दिवस’’ की शिकायतें उसी दिन सीएम हेल्पलाइन पर पोर्टल पर हो दर्ज

देहरादून। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर लंबित जनशिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने समीक्षा बैठक आयोजित कर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए तथा शिकायतकर्ता की पूर्ण संतुष्टि सुनिश्चित होने तक मामलों का प्रभावी समाधान किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के ‘‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि’’ के मूल मंत्र को धरातल पर उतारते हुए जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि विभागीय स्तर पर टास्क ऑफिसर नामित कर प्रतिदिन प्राप्त होने वाली शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही विभाग इस संबंध में प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध कराएं कि लेवल-1 पर प्राप्त शिकायतों की निरंतर निगरानी की जा रही है।

उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि लेवल-2 पर लंबित शिकायतों का भी शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बड़े विभागों में तीन अंकों तथा छोटे विभागों में दो अंकों से अधिक शिकायतें किसी भी स्थिति में लंबित नहीं रहनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारी शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें शिकायतों के निस्तारण की जानकारी दें। जिला स्तर पर भी शिकायतकर्ताओं को फोन कर फीडबैक लेने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक 10 दिन में वह स्वयं सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करेंगे तथा शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर समाधान की स्थिति का फीडबैक प्राप्त करेंगे।

जिलाधिकारी ने समाधान दिवस में प्राप्त होने वाली शिकायतों को उसी दिन सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए, ताकि उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।

समीक्षा के दौरान लेवल-1 पर लोक निर्माण विभाग की 299, शहरी विकास की 384, पुलिस की 309, ऊर्जा विभाग की 234, जल संस्थान की 183 तथा राजस्व विभाग की 174 शिकायतें लंबित पाई गईं। वहीं 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की 345 शिकायतें सर्वाधिक रहीं। इसके अलावा शहरी विकास विभाग की 237, राजस्व विभाग की 225, पुलिस विभाग की 133 तथा तकनीकी शिक्षा विभाग की 111 शिकायतें निर्धारित समयावधि से अधिक लंबित मिलीं।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को चेतावनी पत्र जारी करते हुए लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के किसी भी अधिकारी द्वारा बैठक में प्रतिभाग न करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, अधीक्षण अभियंता संजय रॉय, अधीक्षण अभियंता आरके जैन, अधीक्षण अभियंता ओपी सिंह, नोडल अधिकारी सीएम हेल्पलाइन/जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, सीओ वंदना वर्मा सहित समस्त विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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