Thursday, August 27, 2026
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महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने सखी वन स्टॉप सेंटर का किया औचक निरीक्षण

 व्यवस्थाओं का जायजा लेकर पीड़ित महिलाओं का जाना हाल

वन स्टॉप सेंटर केवल एक आश्रय स्थल नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में महिलाओं के लिए भरोसे और न्याय का केंद्र : कुसुम कण्डवाल

​मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिला सुरक्षा सर्वोपरि, हमारा संकल्प है कि देवभूमि की किसी भी पीड़ित महिला को जानकारी के अभाव में न्याय के लिए भटकना न पड़े : कुसुम कण्डवाल

​देहरादून – उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने सर्वे चौक स्थित ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सेंटर की कार्यप्रणाली, बुनियादी ढांचे और वहां आश्रय ले रही महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने सेंटर में महिलाओं के रहने की व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने सेंटर के आश्रय में रह रही चार महिलाओं से व्यक्तिगत रूप से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनसे सीधे संवाद कर मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। अध्यक्ष ने सेंटर में आने वाले कॉल रिकॉर्ड्स, काउंसलिंग विवरण और रजिस्टर का अवलोकन किया तथा काउंसलर एवं स्टाफ से लंबित प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की।

अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार महिलाओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी महिला सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण को लेकर अत्यंत संवेदनशील हैं। सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र महिला तक पहुंचना सुनिश्चित किया जा रहा है।

​”‘सखी’ वन स्टॉप सेंटर केवल एक आश्रय स्थल नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में महिलाओं के लिए भरोसे और न्याय का केंद्र है। हमारा संकल्प है कि देवभूमि की किसी भी पीड़ित महिला को जानकारी के अभाव में न्याय के लिए भटकना न पड़े। प्रशासन और सेंटर के स्टाफ को एक परिवार की भांति पीड़ितों की सहायता के लिए तत्पर रहना होगा। जब हम संवेदनशीलता के साथ न्याय सुनिश्चित करेंगे, तभी ‘सशक्त महिला-सशक्त प्रदेश’ का सपना पूर्ण होगा। : कुसुम कण्डवाल”

उन्होंने सेंटर प्रशासक और काउंसलर्स को निर्देशित किया कि पीड़ित महिलाओं के साथ व्यवहार अत्यंत मृदु और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए। काउंसलिंग की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि विधिक सहायता की जानकारी हर पीड़िता को स्पष्ट रूप से दी जाए।

वन स्टॉप सेंटर के केंद्र प्रशासिका ने बताया कि पिछ्ले महीने कुल 78 केस पंजीकृत किए गए थे जिसमें से कुछ का निस्तारण हो चुका है कुछ अभी विचाराधीन है और इस माह 1 मई से वर्तमान तक 29 केस पंजीकृत किए गए हैं जिम की काउंसलिंग की जा रही है।

​इस निरीक्षण के दौरान OSC केन्द्र प्रशासक माया नेगी, काउंसलर मीनाक्षी पुंडीर, आईटी वर्कर कोमल भट्ट सहित अन्य विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।

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