Friday, August 28, 2026
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Homeउत्तराखंडअक्षय खन्ना की प्रतिभा और उनके ‘मुश्किल’ मिजाज पर प्रियदर्शन का खुलासा

अक्षय खन्ना की प्रतिभा और उनके ‘मुश्किल’ मिजाज पर प्रियदर्शन का खुलासा

बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में जहाँ सितारे अक्सर अपनी पीआर (PR) टीम और सोशल मीडिया के जरिए अपनी छवि बनाते हैं, अक्षय खन्ना एक पहेली की तरह बने हुए हैं। अपनी गंभीरता और चुनिंदा फिल्मों के लिए मशहूर अक्षय एक बार फिर चर्चा में हैं। फिल्म ‘धुरंधर’ में ‘रहमान डकैत’ के रूप में उनके खूंखार अंदाज ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया है। जहाँ प्रशंसक उनकी तारीफों के पुल बांध रहे हैं, वहीं दिग्गज फिल्म निर्माता प्रियदर्शन ने अक्षय के साथ काम करने के अपने अनुभवों पर खुलकर बात की है।

प्रियदर्शन, जिन्होंने अक्षय के साथ लगभग आठ फिल्मों में काम किया है, ने उन्हें “मुश्किल” (difficult) बताया है, लेकिन साथ ही उन्हें सबसे प्रतिभाशाली अभिनेताओं में से एक भी माना है।

“मुश्किल लेकिन बिना किसी ड्रामे के”

अक्षय खन्ना के बारे में बात करते हुए प्रियदर्शन ने कहा, “अक्षय एक मुश्किल इंसान हैं।” हालांकि, उन्होंने तुरंत स्पष्ट किया कि यह “मुश्किल” उनके व्यवहार या नखरों से नहीं, बल्कि उनके काम के प्रति समर्पण से जुड़ी है। प्रियदर्शन के अनुसार, अक्षय स्क्रिप्ट की गहराई और किरदार के तर्क को लेकर काफी सवाल करते हैं, जो एक निर्देशक को हमेशा सतर्क रखता है।

फिल्म निर्माता प्रियदर्शन ने अक्षय की बहुमुखी प्रतिभा पर कहा: “अक्षय की खूबी उनकी किरदारों के बीच स्विच करने की क्षमता है। एक पल में वह ‘हंगामा’ के सीधे-सादे जीतू बन जाते हैं, और दूसरे ही पल ‘धुरंधर’ के डरावने रहमान डकैत। वह एक ऐसे अभिनेता हैं जो अपनी प्रतिभा का पूरा उपयोग करते हैं, और एक निर्देशक के रूप में यह मेरा काम है कि मैं उन्हें सही मंच प्रदान करूं।”

महानायक से मिली सीख

प्रियदर्शन ने अमिताभ बच्चन से मिली एक सीख को भी साझा किया, जिसने उनके निर्देशन की शैली को प्रभावित किया है। उन्होंने बताया कि बिग बी ने एक बार उनसे कहा था, “अभिनेता भिखारी होते हैं; वे चुन नहीं सकते।” प्रियदर्शन का मानना है कि इसका मतलब यह है कि एक अभिनेता पूरी तरह से निर्देशक के विजन और उसे मिलने वाली सामग्री पर निर्भर होता है। उन्होंने कहा, “अगर अभिनेता अच्छे रोल का ‘भिखारी’ है, तो निर्देशक की जिम्मेदारी है कि वह उसे बेहतरीन सामग्री दे और उसकी प्रतिभा का भरपूर उपयोग करे।”

सहयोग की विरासत

प्रियदर्शन और अक्षय खन्ना की जोड़ी भारतीय सिनेमा की सबसे सफल जोड़ियों में से एक रही है। इसकी शुरुआत ‘डोली सजा के रखना’ (1998) से हुई और ‘हंगामा’ (2003) व ‘हलचल’ (2004) जैसी फिल्मों ने इसे कॉमेडी के क्षेत्र में अमर कर दिया। अक्षय की गंभीरता और प्रियदर्शन का निर्देशन, दोनों ने मिलकर ‘आक्रोश’ जैसी संवेदनशील फिल्में भी दी हैं।

जैसे ही अक्षय खन्ना ‘धुरंधर’ के जरिए एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर छा गए हैं, प्रियदर्शन की टिप्पणियां यह स्पष्ट करती हैं कि जिसे दुनिया “मुश्किल” कहती है, वह वास्तव में एक कलाकार की अपने काम के प्रति ईमानदारी है। जब एक निर्देशक किसी अभिनेता की बुद्धि का सम्मान करता है, तो परिणाम ‘धुरंधर’ जैसी शानदार फिल्में होती हैं।

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