Wednesday, January 21, 2026
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडराजस्थान के मानकसर गांव में क्षेत्रवासियों ने किया सीएम धामी का सम्मान

राजस्थान के मानकसर गांव में क्षेत्रवासियों ने किया सीएम धामी का सम्मान

देहरादून, । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सम्मान में सोमवार को श्री गंगानगर राजस्थान के मानकसर गांव में क्षेत्रवासियों द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु जंभेश्वर भगवान की पूण्यभूमि में आकर वे अविभूत है। उन्होंने कहा कि गुरु जंभेश्वर जी ने जीवन में 29 नियम अपनाने के लिए कहा था। उनके द्वारा दिये गए नियमों को आत्मसात कर आज विश्नोई समाज, वाणी पर संयम रखने के साथ ही अन्य नियमों का पालन कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजस्थान में वन एवं पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने वाली अमृता देवी विश्नोई की शहादत को नमन करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड जैसे हिमालय क्षेत्र में वन संरक्षण को लेकर हुए चिपको आंदोलन से तो काफी लोग वाकिफ हैं। परंतु इससे सैकड़ों वर्ष पहले राजस्थान में भी अमृता देवी के नेतृत्व मैं चिपको जैसा आंदोलन हो चुका है,जिसमें पेड़ों को बचाने के लिए 363 लोगों ने अमृता देवी जी के नेतृत्व में अपना बलिदान दिया। इस प्रकार हम पीढ़ियों से पर्यावरण के संरक्षक रहे हैं। प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाना हमारा संस्कार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पुरखों ने प्रकृति और मानव के सह-अस्तित्व पर एक समृद्ध विचारधारा को पोषित किया और आज सदियों बाद भी, हम उस विचार का, उतनी ही निष्ठा से अनुसरण करते आ रहे हैं। हमारी संस्कृति में वृक्षारोपण और वृक्ष संरक्षण दोनों का ही एक वैभवशाली और अनुसरणीय इतिहास रहा है। अमृता देवी जी और उनके साथियों के बलिदान की गाथा को कोई नहीं भूल सकता। इस महिला सत्याग्रही ने पूरी दुनिया में पर्यावरण संरक्षण और नारी सशक्तिकरण को नए अर्थों में परिभाषित किया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आज भारत एक शक्तिशाली और सुरक्षित राष्ट्र बन चुका है। हमें भी राष्ट्रविरोधी शक्तियों को परास्त कर राष्ट्रवादी शक्तियों को विजयी बनाने का कार्य करना है। आपके एक वोट का ही कमाल है जो आज भारत शक्तिशाली देश बनकर उभर रहा है। आज भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिलना भारतवासियों के लिए गर्व की बात है। आप स्वयं देख रहे हैं कि दिल्ली में संपन्न हुये तीन दिवसीय जी-20 के सम्मेलन में भारत ने अपनी शक्ति और सामर्थ्य का परिचय संपूर्ण विश्व को किस प्रकार कराया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वह दिन अब दूर नहीं जब भारत पुनः विश्व गुरु के पद पर आरूढ़ होगा। इसमें हम सबको सहयोगी बनना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड और वीरभूमि राजस्थान सांस्कृतिक रूप से एक-दूसरे के पूरक रहे हैं। राजस्थान प्राचीन काल से ही वीर भूमि रही है। यहां के वीरों तथा वीरांगनाओं ने अपना सर कटा दिया पर शत्रुओं के सामने कभी सर नहीं झुकाया। उनका भी राजस्थान की इस महान धरती से गहरा सम्बन्ध है, क्योंकि उनके पूर्वज भी राजस्थान से ही उत्तराखंड में आये थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन्हेें दिये गये सम्मान के लिये राजाराम जी धारणिया, कुलदीप जी धनखड पूर्व भाजपा महामंत्री राजस्थान तथा विकास ज्ञानी का भी आभार व्यक्त किया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Most Popular

Recent Comments