Tuesday, October 13, 2026
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प्रदेश की धामी सरकार सभी मोर्चों पर विफलः करन माहरा

देहरादून, । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने पेयजल संकट से जूझ रहे उत्तराखण्ड प्रदेश के ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की धामी सरकार सभी मोर्चों पर विफल साबित हुई है। प्रदेश सरकार की नाकामियों के पन्ने में बढते महिला अपराध, बिगडती कानून व्यवस्था, चरमराती स्वास्थ्य सेवा, भर्ती घोटाले व भारी भ्रष्टाचार के बाद अब राज्य में गहराता पेयजल संकट शामिल हो गया है। मुख्यमंत्री धामी को लिखे पत्र में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा है कि पूरे देश में भीषण गर्मी का मौसम शुरू हो गया है तथा जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है उत्तराखण्ड राज्य के कई क्षेत्रों में पेयजल संकट भी गहराता जा रहा है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक पेयजल स्रोतों पर अधिकतर लोगों की निर्भरता रहती है, परन्तु पर्वतीय क्षेत्रों के लगभग 50 प्रतिशत पेयजल श्रोत माह अपै्रल से ही सूख जाते हैं। बढती गर्मी के प्रकोप के साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों के कई जनपदों में स्थानीय लोगों को भारी पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।करन माहरा ने कहा कि वर्तमान समय में उत्तराखण्ड राज्य में चारधाम यात्रा एवं पर्यटन काल प्रारम्भ हो चुका है तथा पर्यटन एवं तीर्थाटन राज्य के लोगों की आय का प्रमुख स्रोत है, परन्तु राज्य सरकार की उपेक्षापूर्ण नीति के कारण ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में घोर पेयजल संकट पैदा हो गया है तथा स्थानीय ग्रामीण जनता के साथ-साथ उत्तराखण्ड के टूरिस्ट स्थलों के होटल व्यवसायियों एवं अन्य प्रदेशों से राज्य में आने वाले पर्यटकों एवं तीर्थ यात्रियों को भी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी के बावजूद प्रत्येक वर्ष होने वाली इस समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार एवं पेयजल विभाग के स्तर पर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाये गये। गम्भीर पेयजल संकट से निपटने के लिए आवश्यक है कि पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल संकट का शीघ्र आंकलन कर उससे निपटने के उपाय किये जाये ताकि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों तथा पर्यटन एवं तीर्थाटन स्थलों पर पेयजल संकट से निजात मिल सके।  उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में  कांग्रेस   सरकार द्वारा इसी प्रकार के पेयजल संकट से निपटने के लिए पेयजल संकटग्रस्त क्षेत्रों में खच्चरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति करने का निर्णय लिया था। इसी प्रकार वर्तमान राज्य सरकार को भी वैकल्पिक व्यवस्था कर लोगों की पेयजल सम्बन्धी समस्या का समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। करन माहरा ने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि प्रदेश के ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार के स्तर पर यथाशीघ्र आवश्यक कदम उठाए ताकि पेयजल संकट से जूझ रहे पर्वतीय क्षेत्र के लोगों, पर्यटकों एवं तीर्थ यात्रियों को इस गम्भीर समस्या से राहत मिल सके।

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