Tuesday, January 20, 2026
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पर्यटन बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की संभावनाओं पर की चर्चा

देहरादून/अहमदाबाद, । गुजरात से उत्तराखंड की ओर पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अधिकारियों ने राज्य के प्रमुख ट्रैवल ट्रेड व्यवसायियों के साथ मिलकर बुधवार को अहमदाबाद शहर के ट्रैवल ट्रेड व्यवसायियों के साथ मुलाकात कर दोनों राज्यों के बीच पर्यटन बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की संभावनाओं पर चर्चा की। अहमदाबाद के द हयात में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य निवेशकों के साथ जुड़ना और यह दिखाना था कि राज्य को निवेश के अवसरों और राज्य की पर्यटन क्षमता के माध्यम से क्या पेशकश करनी है। इसके साथ ही यह एक ऐसा अवसर भी था जहां उत्तराखंड के ट्रैवल ट्रेड व्यवसायियों ने गुजरात के संभावित पर्यटकों की जरूरतों और मांगों को बेहतर ढंग से समझने के लिए अहमदाबाद के प्रमुख ट्रैवल ट्रेड व्यवसायियों के साथ बातचीत की। सचिन कुर्वे, सचिव पर्यटन, उत्तराखंड सरकार के नेतृत्व में, यूटीडीबी के अन्य प्रतिनिधियों में सुमित पंत, निदेशक (विपणन एवं प्रचार) और कमल किशोर जोशी, जनसंपर्क अधिकारी शामिल हुए।बैठक में पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने बताया कि गुजरात के निवेशकों को उत्तराखंड के विभिन्न पर्यटन स्थलों और भूमि बैंकों से अवगत कराया जहां निवेश की जबरदस्त संभावना है। बैठक में उपस्थित निवेशकों ने भी उत्तराखंड में निवेश की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि “पर्यटन एक प्रमुख उद्योग है और राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता है, साथ ही राज्य की कामकाजी आबादी के एक बड़े हिस्से को रोजगार देता है। गुजरात उत्तराखंड में आने वाले पर्यटकों में योगदान देने वाले शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है।”श्री कुर्वे ने आगे कहा, “उत्तराखंड राज्य में अनुभव और साहसिक गतिविधियों में गंगा में रिवर राफ्टिंग, पहाड़ियों में ट्रेकिंग, औली में कुछ सुरम्य ढलानों के माध्यम से स्कीइंग, केबल कार की सवारी का आनंद ले सकते हैं। सरकार ने हाल ही में मसूरी में जॉर्ज एवरेस्ट से हिमालय दर्शन की पेशकश के लिए एक हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की है, साथ ही एक अन्य पर्यटन गतिविधि के हिस्से के रूप में ब्रेकफास्ट टूरिज्म या फ्लाइंग पिकनिक शुरू करने का प्रस्ताव है। फ्लाइंग पिकनिक का उपयोग करते हुए पर्यटक मसूरी से आसपास के पर्यटन स्थलों के लिए उड़ान भर सकते हैं जहां वे रेस्तरां में नाश्ता कर सकते हैं और सुंदर घाटियों और परिदृश्यों का आनंद ले सकते हैं और उन्हें अपने कैमरे में कैद कर सकते हैं। पर्यटन विभाग ने इस संबंध में पूरी तैयारी कर ली है और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से मंजूरी का इंतजार है। उन्होंने आगे बताया, “राज्य सरकार कसार देवी मंदिर, कटारमल सूर्य मंदिर और बाणासुर किला आदि जैसे विरासत पर्यटन स्थलों का सौन्दर्यीकरण करने की योजना बना रही है। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के 20 से अधिक प्रमुख ट्रैवल ट्रेड व्यवसायों ने भाग लिया, जिन्होंने राजकोट शहर के ट्रैवल ट्रेड के 50 से अधिक प्रमुख व्यवसायियों के साथ बातचीत की। यहां उपस्थित लोगों के लिए उत्तराखंड की याद दिलाने वाले सांस्कृतिक उत्सवों और राज्य के व्यंजनों का आनंद लेने का अवसर भी था। उत्तराखंड अगले कुछ वर्षों में अपने वर्तमान अनुमानित 35 मिलियन से 70 मिलियन घरेलू पर्यटकों को लक्षित कर रहा है, और इसके लिए प्रमुख बुनियादी ढांचे के विकास की आवश्यकता है। इस दिशा में, पर्यटकों के लिए सुविधाओं में सुधार के लिए राज्य तेजी से विकास कर रहा है, जिसमें तीर्थ स्थलों पर पुनर्विकास कार्य, होमस्टे खोलना, होटल के कमरे जोड़ना, सड़कों और राजमार्गों में सुधार करना, नए हवाई अड्डों की स्थापना आदि शामिल हैं। राज्य इन विकास परियोजनाओं में भागीदारी करके इस विकास प्रक्रिया में भाग लेने के लिए गुजरात से निवेशकों की तलाश कर रहा है। इससे पूर्व दिनभर अहमदाबाद वन मॉल में ‘‘अल्टीमेट उत्तराखंड” थीम पर आधारित विभिन्न कार्यक्रमों को अयोजन किया। कार्यक्रमों में तात्कालिक क्विज प्रतियोगिता के दौरान उत्तराखंड के यादगार लम्हे, हस्तनिर्मित पेंटिंग, बाल मिठाई (उत्तराखंड की प्रसिद्ध मिठाई) से संबंधित प्रश्नों का जवाब देते हुए अहमदाबाद वासियों ने कई पुरस्कार भी जीते।

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