Friday, October 2, 2026
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडघंटों बैठे रहने वालों के लिए जरूरी खबर, रोजाना इतने कदम चलने...

घंटों बैठे रहने वालों के लिए जरूरी खबर, रोजाना इतने कदम चलने से कम हो सकता है सेहत का खतरा

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोगों की दिनचर्या शारीरिक गतिविधियों की कमी से घिरी हुई है। ऑफिस में घंटों डेस्क पर बैठकर काम करना, आने-जाने के लिए कार या बाइक का इस्तेमाल करना और घर पहुंचने के बाद सोफे या बिस्तर पर मोबाइल चलाना आम हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ ऐसी दिनचर्या को कई बीमारियों के बढ़ते जोखिम से जोड़ते हैं।

लंबे समय तक बैठे रहने की आदत का संबंध मोटापे के साथ-साथ डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी बीमारियों के बढ़े हुए जोखिम से बताया गया है। इसके अलावा किडनी की बीमारी, फैटी लिवर, सीओपीडी, डिप्रेशन और एट्रियल फिब्रिलेशन जैसी समस्याओं का खतरा भी लंबे समय तक निष्क्रिय रहने वाले लोगों में अधिक हो सकता है।

ऐसे में डेस्क जॉब करने वालों के लिए सवाल यह है कि क्या ज्यादा चलने से लगातार बैठे रहने के नुकसान को कम किया जा सकता है। ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन और नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित शोधों के मुताबिक, नियमित शारीरिक गतिविधि लंबे समय तक बैठे रहने से जुड़े कुछ स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में मदद कर सकती है।

अध्ययन के अनुसार, जो लोग दिन का काफी समय बैठे हुए बिताते हैं, उनके लिए रोजाना करीब 2,200 से अधिक कदम चलना हृदय रोग और समय से पहले मृत्यु के जोखिम को कम करने से जुड़ा पाया गया। वहीं करीब 4,000 से 4,500 कदम प्रतिदिन चलने से निष्क्रिय जीवनशैली से जुड़े कुछ जोखिमों को कम करने में लाभ मिल सकता है।

शोध में रोजाना करीब 9,000 से 10,000 कदम चलने को भी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्तर की शारीरिक गतिविधि से मृत्यु के जोखिम में 39 प्रतिशत तक और हृदय रोग के जोखिम में 21 प्रतिशत तक कमी देखी गई।

हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक इसका मतलब यह नहीं है कि दिनभर लगातार बैठे रहने के बाद केवल 10 हजार कदम चल लेने से लंबे समय तक बैठे रहने के सभी नुकसान खत्म हो जाते हैं। अध्ययन में करीब 14 घंटे बैठने से जुड़े हृदय रोग और हार्ट फेलियर के अतिरिक्त जोखिम को पूरी तरह खत्म करने वाला कोई निश्चित कदम स्तर नहीं मिला।

ऐसे में डेस्क जॉब करने वालों के लिए दिनभर की गतिविधियों में छोटे-छोटे बदलाव करना भी जरूरी है। लगातार कई घंटे बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में उठकर कुछ देर चलना, पानी लेने के लिए खुद जाना और संभव हो तो सीढ़ियों का इस्तेमाल करना उपयोगी आदतें हो सकती हैं। यानी रोजाना वॉक करना फायदेमंद है, लेकिन लंबे समय तक बैठे रहने की आदत को कम करना भी उतना ही जरूरी है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Most Popular

Recent Comments