Friday, July 31, 2026
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मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर अधिकारियों का क्षमता संवर्धन, एईआरओ, बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को मिला व्यवहारिक प्रशिक्षण

हर नोटिस, हर दस्तावेज और हर आख्या होगी पूरी तरह प्रमाणिक व समयबद्ध: संयुक्त मजिस्ट्रेट

पौड़ी- भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के अंतर्गत गुरुवार को जनपद मुख्यालय में पौड़ी तहसील के अंतर्गत कार्यरत सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ), बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) एवं सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में ईआरओ एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात ने नोटिस तामीली, दस्तावेज सत्यापन, बीएलओ ऐप पर ऑनलाइन अपलोड, सुनवाई एवं प्रकरणों के निस्तारण की संपूर्ण प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया।

प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं अद्यतन मतदाता सूची तैयार करना है। इस कार्य में एईआरओ, बीएलओ और सुपरवाइजरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्रवाई निर्वाचन आयोग की समय-सीमा एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।

उन्होंने बताया कि सुनवाई की निर्धारित तिथि से कम से कम सात दिन पूर्व संबंधित मतदाता को नोटिस तामील कराया जाना अनिवार्य है। नोटिस तामीली की फोटो बीएलओ ऐप पर अपलोड की जाएगी। इसके बाद बीएलओ घर-घर जाकर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे तथा सभी अभिलेखों एवं उपस्थिति संबंधी विवरण को समयबद्ध रूप से ऐप पर अपलोड करेंगे।

उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण की बीएलओ आख्या तथ्यपरक, स्पष्ट एवं साक्ष्यों पर आधारित हो। औपचारिक या सामान्य टिप्पणी से बचते हुए प्रत्येक मामले के अनुरूप स्पष्ट मंतव्य दर्ज किया जाए। चूंकि बीएलओ आख्या केवल एक बार अपलोड की जा सकती है, इसलिए तीन सदस्यीय समिति के हस्ताक्षरों एवं विवरण का सावधानीपूर्वक मिलान करने के बाद ही उसे डिजिटाइज कर अपलोड किया जाए।

संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कहा कि प्रत्येक नोटिस से संबंधित दस्तावेजों एवं बीएलओ आख्या का अलग-अलग संकलन किया जाए, जिससे सुनवाई के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर फिजिकल सुनवाई भी कराई जाएगी तथा एआरओ नियमानुसार सभी प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करेंगे।

प्रशिक्षण के दौरान मतदाता सूची में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की विसंगतियों, विभिन्न आयु वर्ग के मतदाताओं के लिए आवश्यक दस्तावेजों, बीएलओ आख्या तैयार करने की प्रक्रिया तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य निष्पादन से संबंधित बिंदुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी गयी।

इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी पौड़ी दृष्टि आनंद, कोट अमित बिजल्वाण, ईओ नगरपालिका संजय कुमार, तहसीलदार राजेंद्र गिरी गोस्वामी, राजपाल लिंगवाल, सुबोध भट्ट, शैलेंद्र रावत, दिनेश नौटियाल सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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