Wednesday, July 29, 2026
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डेंगू नियंत्रण में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं, फॉगिंग और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें: मुख्य विकास अधिकारी

विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं आमजन को किया जाएगा जागरुक

आशा, एएनएम एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचाकर देंगी बचाव संबंधी जानकारी

पौड़ी- जनपद में डेंगू के संभावित खतरे को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में डेंगू रोकथाम के लिए संचालित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, नियमित फॉगिंग सुनिश्चित करने, साफ-सफाई व्यवस्था सुदृढ़ रखने तथा व्यापक जनजागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

मुख्य विकास अधिकारी ने नगर पालिका पौड़ी, नगर निगम श्रीनगर, कोटद्वार तथा लक्ष्मणझूला जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा। उन्होंने संबंधित निकायों को फॉगिंग मशीनों को पूर्णतः क्रियाशील बनाए रखने, निर्धारित अंतराल पर फॉगिंग कराने तथा स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में सड़कों के गड्ढों एवं अन्य स्थानों पर जलभराव होने से मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में संबंधित विभाग समयबद्ध रूप से गड्ढों को भरने और जलभराव रोकने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।

सीडीओ ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को डेंगू के लक्षणों, कारणों एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए। साथ ही विद्यार्थियों के माध्यम से अभिभावकों एवं स्थानीय समुदाय तक जागरुकता संदेश पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि डेंगू की रोकथाम केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें जनसहभागिता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। लोगों को अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने देने तथा स्वच्छता बनाए रखने के लिए लगातार जागरूक किया जाए।

बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल गोयल ने बताया कि मई माह से अब तक जनपद में 49,772 घरों में सोर्स रिडक्शन अभियान संचालित किया जा चुका है, जिसके तहत 2,87,449 लोगों तक पहुंच बनायी गयी है। उन्होंने बताया कि मई माह के दौरान डेंगू की संभावनाओं को देखते हुए 2,146 व्यक्तियों के रैपिड एवं एलाइजा टेस्ट कराए गए, जिनकी सभी रिपोर्ट नेगेटिव प्राप्त हुई हैं। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता, एएनएम तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार घर-घर जाकर पानी जमा होने वाले कंटेनरों की जांच कर रही हैं तथा लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों के प्रति जागरुक कर रही हैं।

बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी अमित मेहरा, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अलीशा सचदेवा, जिला शिक्षा अधिकारी रणजीत सिंह नेगी, सैनिटरी इंस्पेक्टर हेमंत कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजीव रावत, शिवांगी सिमल्टी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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