Saturday, April 25, 2026
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडकिशोर संप्रेषण गृह का जिलाधिकारी ने किया विस्तृत निरीक्षण, व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण...

किशोर संप्रेषण गृह का जिलाधिकारी ने किया विस्तृत निरीक्षण, व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण एवं सुधार के दिए निर्देश

राजकीय संप्रेषण गृह (किशोर) में शौचालय मरम्मत हेतु धनराशि स्वीकृत, खेल सुविधाओं का होगा विस्तार

पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जनपद मुख्यालय स्थित राजकीय संप्रेषण गृह (किशोर) का विस्तृत एवं औचक निरीक्षण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं, सुविधाओं तथा अभिलेखों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था एवं बच्चों के समग्र विकास से संबंधित व्यवस्थाओं का क्रमवार जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्मिकों की तैनाती एवं उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने परिसर में स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, शौचालयों की स्थिति तथा स्टोर रूम में रखी सामग्री का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान में रहने वाले किशोरों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने बताया कि शौचालय की मरम्मत हेतु धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी।

जिलाधिकारी ने बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न पंजिकाओं जैसे भोजन पंजिका, उपस्थिति पंजिका, बाल संरक्षण समिति से संबंधित अभिलेख आदि का निरीक्षण करते हुए उनके नियमित एवं सुव्यवस्थित संधारण के निर्देश दिए। जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि अभिभावकों के आगमन की प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित की जा रही है तथा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी संस्थान में प्रदर्शित एवं क्रियाशील हैं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संप्रेषण गृह में रह रहे किशोर से आत्मीय संवाद स्थापित कर उसकी शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, स्वच्छता एवं दैनिक दिनचर्या के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने किशोरों से सुझाव भी आमंत्रित किए और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सुझावों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मनोरंजन कक्ष का निरीक्षण करते हुए वहां उपलब्ध सुविधाओं को और समृद्ध करने पर भी बल दिया। साथ ही शिकायत पेटी एवं सुझाव पेटी का अवलोकन कर निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों का समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने किशोरों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के निर्देश दिए तथा परिसर में बास्केटबॉल रिंग स्थापित करने को कहा। इसके अतिरिक्त उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली का भी अवलोकन कर उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने बाल संरक्षण समिति के कार्यालय का निरीक्षण किया। समिति के अध्यक्ष राकेश चंद्र ने जानकारी दी कि मार्च माह तक बालश्रम, भिक्षावृत्ति, पॉक्सो, गुमशुदगी, चोरी एवं मारपीट से संबंधित कुल 188 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिन पर नियमानुसार कार्यवाही की गयी है। उन्होंने यह भी बताया कि समिति के सदस्यों की उपस्थिति रोस्टर के अनुसार नियमित रूप से सुनिश्चित की जाती है।

जिलाधिकारी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विधिक सहायता एवं सेवा केंद्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की कार्यप्रणाली की जांच हेतु स्वयं दूरभाष नंबर पर कॉल कर उसकी सक्रियता का परीक्षण किया तथा आमजन एवं बच्चों को प्रदान की जा रही विधिक सहायता सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि केंद्र के माध्यम से अधिकाधिक लोगों को लाभान्वित किया जाए।

निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने किशोर न्याय बोर्ड, कॉन्फ्रेंस कक्ष एवं अन्य संबंधित कक्षों का भी अवलोकन किया। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं संवेदनशील बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए, ताकि संस्थान में रह रहे किशोरों के पुनर्वास, संरक्षण एवं विकास के उद्देश्यों की प्रभावी पूर्ति सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर बाल संरक्षण समिति के सदस्य कपिल रतूड़ी, सुनीता भट्ट, गंगोत्री नेगी, सुत्ता लाल, काउंसलर पूजा, सामाजिक कार्यकर्ता राखी, अमन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Most Popular

Recent Comments