Monday, May 18, 2026
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पौड़ी का जिला पुस्तकालय बना आकर्षक एवं आधुनिक अध्ययन केंद्र, पहाड़ी शैली में मिला नया स्वरूप

जिलाधिकारी के प्रयासों से आधुनिक सुविधाओं से सजा जिला पुस्तकालय, छात्रों को मिला बेहतर अध्ययन माहौल

घंटाघर बना जिला पुस्तकालय की पहचान, समय के साथ अनुशासन का संदेश

पौड़ी- कभी अव्यवस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा पौड़ी मुख्यालय का जिला पुस्तकालय अब एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और आकर्षक अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित हो गया है। विशेष बात यह है कि पुस्तकालय को पारंपरिक पहाड़ी शैली में तैयार किया गया है, जो स्थानीय वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं आधुनिक बनाने के उद्देश्य को साकार करते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के प्रयासों से पुस्तकालय का व्यापक कायाकल्प किया गया। जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में किए गए निरीक्षण के दौरान यहां पढ़ाई के अनुकूल वातावरण का अभाव, पेयजल सुविधा की कमी तथा भवन की जर्जर स्थिति सामने आने पर निर्माण खंड लोनिवि को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिसके बाद कार्य तेजी से प्रारंभ किया गया।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिला योजना के अंतर्गत पुस्तकालय का सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत कार्य कराया गया। उन्होंने बताया कि कार्यों के अंतर्गत भवन के दोनों तलों का नवीनीकरण, आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था, शौचालयों का उन्नयन, पाथवे एवं रेलिंग निर्माण, द्वारों का नवीनीकरण तथा पुस्तकालय तक सुगम पहुंच के लिए मार्ग का विकास किया गया। साथ ही यहां पहली बार पेयजल कनेक्शन स्थापित किया गया।

पुस्तकालय में विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुस्तकों की समुचित उपलब्धता के साथ आधुनिक फर्नीचर, सुव्यवस्थित पठन-पाठन व्यवस्था, बुक स्टोरेज, वाई-फाई जोन तथा स्वच्छ पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की गयी है। साथ ही, जिलाधिकारी की सतत निगरानी में भवन की बाह्य अवसंरचना को पारंपरिक पहाड़ी शैली में विकसित करते हुए उसमें घंटाघर का आकर्षक एकीकरण किया गया है, जो इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। पुस्तकालय की छत पर निर्मित यह घंटाघर इस भवन की विशेष पहचान प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से सायं 6 बजे तक समय का संकेत देता है और परिसर को अनुशासित एवं प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करता है।

वर्तमान में यह पुस्तकालय विद्यार्थियों को स्वच्छ, शांत एवं सुविधायुक्त अध्ययन वातावरण उपलब्ध करा रहा है। यहां पुस्तक भंडारण की सुव्यवस्थित व्यवस्था, आरामदायक बैठने की सुविधा, स्वच्छ पेयजल, उन्नत शौचालय एवं आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं, जिससे छात्र पारंपरिक और डिजिटल दोनों माध्यमों से अध्ययन कर पा रहे हैं। हाल ही में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) द्वारा पुस्तकालय का लोकार्पण किया गया, जिसमें उन्होंने कार्यों की सराहना करते हुए इसे एक उत्कृष्ट पहल बताया।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस पुस्तकालय का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं में पढ़ने की आदत विकसित करना, उन्हें सकारात्मक एवं अनुशासित अध्ययन वातावरण प्रदान करना तथा प्रतियोगी परीक्षाओं और शैक्षणिक लक्ष्यों की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जनपद के छात्रों को बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, जिसके तहत यह पुस्तकालय एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अधिशासी अभियंता, लोनिवि निर्माण खंड, रीना नेगी ने बताया कि पुस्तकालय का सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य निर्धारित समय में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया गया, जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ पारंपरिक पहाड़ी शैली को भी बनाए रखा गया है।

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