Wednesday, February 18, 2026
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंड21 फरवरी को श्रीनगर में युवाओं से संवाद करेंगे सीडीएस जनरल अनिल...

21 फरवरी को श्रीनगर में युवाओं से संवाद करेंगे सीडीएस जनरल अनिल चौहान

“विकसित भारत में युवाओं की भूमिका” विषय पर मेडिकल छात्रों को देंगे प्रेरक मार्गदर्शन

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत रहेंगे विशिष्ट रूप से उपस्थित

पौड़ी- देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान 21 फरवरी को श्रीनगर गढ़वाल प्रवास के दौरान युवाओं, विशेषकर मेडिकल छात्र-छात्राओं से संवाद कर उन्हें राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति प्रेरित करेंगे। इस अवसर पर वे “विकसित भारत में छात्र-छात्राओं एवं युवा वर्ग का योगदान” विषय पर अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे।

यह संवाद कार्यक्रम वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान के सभागार में आयोजित होगा, जहां जनरल चौहान चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे भावी चिकित्सकों से सीधे संवाद करेंगे। कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक डॉ. धन सिंह रावत भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

संस्थान के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि कार्यक्रम की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं तथा छात्र-छात्राओं में इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। वहीं एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं ने भी देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी से मार्गदर्शन प्राप्त करने को अपने लिए गौरवपूर्ण एवं प्रेरणादायक क्षण बताया है।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह संवाद हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में प्रस्तावित था, जिसे अब विस्तारित करते हुए मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं को भी इस प्रेरक संवाद से जोड़ने का निर्णय लिया गया है, ताकि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थी भी देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी से सीधे मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।

संवाद के दौरान जनरल चौहान अपने दीर्घ सैन्य जीवन के अनुभवों, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, समर्पण एवं राष्ट्र सर्वोपरि की भावना पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग एवं प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने अपने गृह जनपद के विद्यार्थियों से संवाद को विशेष गौरव का विषय बताते हुए कहा कि देश के भविष्य निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा भाव से कार्य करना राष्ट्र सेवा का ही एक महत्वपूर्ण स्वरूप है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Most Popular

Recent Comments