पौड़ी- राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला जज/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पौड़ी गढ़वाल के निर्देशानुसार आज राजाजी रिट्रीट रिसॉर्ट, गंगाभोगपुर में एक दिवसीय विधिक साक्षरता एवं जागरुकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन नाज़िश कलीम के कुशल निर्देशन में आयोजित यह कार्यक्रम ‘विश्व सामाजिक न्याय दिवस’ तथा ‘नालसा संवाद योजना 2025’ को समर्पित रहा।
शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर, हाशिए पर रहने वाले और विशेष रूप से आदिवासी समुदायों तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित करना था। इस दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने ‘सभी के लिए न्याय’ की अवधारणा पर बल दिया। कार्यक्रम में विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता, इसकी पात्रता शर्तों और विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की गयी ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।

नालसा संवाद योजना–2025 के विशेष संदर्भ में, वन गुज्जर समुदाय एवं अन्य पिछड़े वर्गों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा तंत्र के प्रति जागरुक किया गया। शिविर में स्पष्ट किया गया कि किसी भी विधिक समस्या के समाधान के लिए पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी मदद प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर वन गुज्जर आदिवासी युवा संगठन के संस्थापक मुहम्मद मीर हमजा सहित कई विशेषज्ञों ने समुदाय को विधिक प्रक्रियाओं की बारीकियों से अवगत कराया।

कार्यक्रम में सहायक खंड विकास अधिकारी जगमोहन सिंह बिष्ट, पुलिस चौकी चीला के अपर उप निरीक्षक भानु प्रताप सिंह, पूर्व अपर निदेशक शिक्षा प्रदीप रावत, सहायक विकास अधिकारी दिनेश रावत और सहायक समाज कल्याण अधिकारी महेश प्रताप सिंह ने भी अपने विचार रखे। इनके अतिरिक्त कल्पवृक्ष पुणे से नीमा पाठक, ग्राम प्रधान अंजलि देवी, अधिकार मित्र आफताब और भगत सिंह बिष्ट सहित भारी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।



