Monday, January 19, 2026
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंड2026 के लिए उत्तराखण्ड पुलिस का रोडमैप तय, डीजीपी दीपम सेठ ने...

2026 के लिए उत्तराखण्ड पुलिस का रोडमैप तय, डीजीपी दीपम सेठ ने तय की प्राथमिकताएं

देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस ने वर्ष 2026 के लिए अपनी प्राथमिकताओं और रणनीति का रोडमैप तय कर लिया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ की अध्यक्षता में सरदार पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंतरिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और ड्रग्स-फ्री देवभूमि मिशन पर विशेष फोकस किया गया।

बैठक में पुलिस मुख्यालय की सभी शाखाओं की कार्यप्रणाली को अधिक दक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। डीजीपी ने कहा कि बदलती चुनौतियों के बीच साइबर सर्विलांस और साइबर इंटेलिजेंस को और मजबूत करना समय की आवश्यकता है। एंटी टेरर कॉन्फ्रेंस-2025 में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप इन क्षेत्रों में ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

डीजीपी ने ATS, ANTF और ट्रैफिक निदेशालय के पुनर्गठन पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि ड्रग-फ्री उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के विजन को साकार करने के लिए एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को और अधिक सशक्त किया जाएगा। साथ ही, ATS की संरचना में एकरूपता लाने के लिए केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार कदम उठाए जाएंगे।

साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए 1930 हेल्पलाइन को और प्रभावी बनाने तथा 112 इमरजेंसी सिस्टम के साथ उसके तकनीकी समन्वय को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि आम जनता की शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें DGP-IGP Conference-2025 के एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा कर भविष्य की पुलिस रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

डीजीपी ने सभी अनुभागों को अपने-अपने प्रस्तावों और लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध एक्शन प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले बजट, प्रोक्योरमेंट और अन्य वित्तीय मामलों के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही लंबित पत्रावलियों और शासन स्तर पर अटके प्रस्तावों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।

प्रशासनिक कार्यों में देरी रोकने के लिए ई-ऑफिस और ई-फाइल प्रणाली के अनिवार्य उपयोग पर बल देते हुए मुख्यमंत्री के “सरलीकरण, समाधान और निस्तारण” के विजन को दोहराया गया। डीजीपी ने कहा कि समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया से ही पुलिसिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

प्रशिक्षण के क्षेत्र में पीटीसी नरेंद्रनगर में प्रस्तावित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए गए। वहीं, पुलिस कर्मियों के कल्याण, पदोन्नति और पुरस्कारों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए सभी इकाइयों को समय पर ACR भरने को कहा गया।

इसके अलावा डीजीपी ने उत्तराखण्ड पुलिस गीत के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि यह गीत पुलिस बल की कर्तव्यनिष्ठा, सेवा-भावना और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है। इसे सभी प्रमुख पुलिस आयोजनों और आधिकारिक कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से बजाया जाएगा।

बैठक में अपराध एवं कानून व्यवस्था, प्रशासन, दूरसंचार, साइबर, यातायात, प्रशिक्षण और परिक्षेत्र स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित पुलिस मुख्यालय के सभी अनुभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Most Popular

Recent Comments