Sunday, March 15, 2026
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडजिलाधिकारी की पहल से बदली स्कूलों की तस्वीर

जिलाधिकारी की पहल से बदली स्कूलों की तस्वीर

केंद्रीकृत मासिक मूल्यांकन, ग्रेडिंग और विशेष सुधार योजना से शिक्षा को मिली नयी दिशा

पौड़ी- जनपद पौड़ी गढ़वाल में बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की पहल अब धरातल पर सकारात्मक परिणाम देने लगी है। शिक्षा की गुणवत्ता को परखने और कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के लिए जनपद में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट स्तर की मासिक परीक्षाओं का केंद्रीकृत मूल्यांकन एवं विश्लेषण प्रारंभ किया गया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि बोर्ड परीक्षा परिणामों के विश्लेषण में यह तथ्य सामने आया था कि कुछ विद्यालयों में छात्रों के प्रदर्शन में निरंतर गिरावट दर्ज की जा रही है। इस पर पूर्व में ही मुख्य शिक्षाधिकारी को निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में शिक्षा सत्र 2025–26 के दौरान कम परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों को चिन्हित कर प्रथम चरण में परीक्षा परिणामों का गहन विश्लेषण किया गया।

जिलाधिकारी के निर्देशन में शिक्षा विभाग द्वारा गठित समिति में समस्त विकासखंडों के खंड शिक्षाधिकारी, डायट विशेषज्ञ तथा अन्य माध्यमिक विद्यालयों के अनुभवी शिक्षक शामिल किए गए। समिति द्वारा कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों में मासिक परीक्षाएं आयोजित कर केंद्रीकृत मूल्यांकन किया गया तथा ग्रेडिंग के आधार पर विद्यालयों की जनपद स्तरीय सूची तैयार की गई। अगस्त माह में आयोजित अधिवर्षीय मासिक परीक्षाओं के आधार पर कुल 62 विद्यालयों को चिन्हित किया गया था, जिन पर विशेष शैक्षिक सुधार योजना लागू की जा रही है।

इसी क्रम में नवंबर माह में हाईस्कूल स्तर के 95 एवं इंटरमीडिएट स्तर के 75 विद्यालयों में मासिक परीक्षाएं आयोजित की गईं। मूल्यांकन के उपरांत हाईस्कूल स्तर पर राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय ल्वाली, विकासखंड पौड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तल्ला बनास तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोटा, विकासखंड यमकेश्वर रहे। तृतीय स्थान पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रिंगवाड़ी एवं मुसासू, विकासखंड एकेश्वर संयुक्त रूप से रहे।
इंटरमीडिएट स्तर पर राजकीय इंटर कॉलेज कूंतणी, विकासखंड द्वारीखाल ने प्रथम, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज पैडुल, विकासखंड पौड़ी ने द्वितीय तथा राजकीय इंटर कॉलेज खौलाचौरी, विकासखंड कोट ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

जिलाधिकारी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन के साथ-साथ कमजोर विद्यालयों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। ऐसे विद्यालयों में उपचारात्मक शिक्षण, व्यक्तिगत मार्गदर्शन, नियमित समीक्षा और विशेष शैक्षिक सुधार योजना लागू की जा रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस व्यवस्था से विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा पैटर्न के अनुरूप नियमित अभ्यास मिल रहा है, जिससे उनकी विषयगत समझ, उत्तर लेखन और समय प्रबंधन में सुधार हो रहा है। मासिक परीक्षाओं व केंद्रीकृत मूल्यांकन से छात्रों की कमजोरियों की समय रहते पहचान कर उपचारात्मक शिक्षण किया जा रहा है। साथ ही ग्रेडिंग प्रणाली से विद्यालयों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा विकसित हो रही है, जिससे अध्यापन की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो रहा है। उन्होंने मुख्य शिक्षाधिकारी को निर्देश दिए कि लगातार अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों पर विशेष ध्यान देते हुए नियमित समीक्षा एवं मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जाय।

जिलाधिकारी ने कक्षा 10 के शीर्ष पांच तथा कक्षा 12 के प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले विद्यालयों को प्रशंसा पत्र भेजे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में जनपद के विद्यालय राज्य स्तर पर भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शैक्षिक सत्र 2025–26 की परिषदीय परीक्षाओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।

मुख्य शिक्षा अधिकारी नागेंद्र बर्तवाल ने बताया कि जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को प्रोत्साहित किया जाएगा, वहीं कमजोर विद्यालयों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर उन्हें भी समान अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Most Popular

Recent Comments