Monday, January 19, 2026
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडड्रग्स के विरूद्ध जिला प्रशासन का एक्शन जारी, ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी...

ड्रग्स के विरूद्ध जिला प्रशासन का एक्शन जारी, ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में 150 छात्र/छात्राओं की रैंडम टेस्टिंग

ड्रग टेस्ट में स्टूडेंट पॉजिटिव मिलने पर डीन व कॉलेज स्वामी पर होगी आपराधिक कार्रवाई

देहरादून। जिले में नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे और विद्यार्थियों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने सभी शिक्षण संस्थानों में रोस्टरवार ड्रग टेस्टिंग अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के तहत मंगलवार को दूसरे दिन भी उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि के नेतृत्व में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में 150 विद्यार्थियों की रैंडम सैंपलिंग की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी स्कूल या कॉलेज में ड्रग टेस्टिंग के दौरान विद्यार्थी पॉजिटिव पाए जाने पर संबंधित डीन या संस्थान प्रबंधक के खिलाफ अपराधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नशामुक्त उत्तराखंड के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन ने “कड़े और बड़े कदम” उठाए हैं, ताकि किशोरों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।

ड्रग टेस्टिंग अभियान को लेकर जिलाधिकारी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया को लेकर घबराएँ नहीं, बल्कि प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मकसद विद्यार्थियों को नशे से दूर रखना और प्रदेश में नशामुक्त माहौल तैयार करना है।

जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में एंटी-ड्रग्स कमेटी को सक्रिय करने और उसमें एक छात्र तथा एक छात्रा को प्रतिनिधि के रूप में शामिल करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही, नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से संबंधित सूचनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर हेल्पलाइन नंबरों के पोस्टर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन हेल्पलाइन में मानस हेल्पलाइन 1933, एनसीवी मानस पोर्टल और जिला डी-एडिक्शन सेंटर हेल्पलाइन 9625777399 शामिल हैं। इन नंबरों पर प्राप्त शिकायतों पर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है।

जिला प्रशासन रायवाला स्थित ओल्ड एज होम में 30 बेड वाले नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन कर रहा है। साथ ही एम्स ऋषिकेश के साथ एमओयू कर 10 बेड इंटेंसिव थेरेपी यूनिट को नशामुक्ति मामलों के लिए रिजर्व रखा गया है। इसके अलावा, जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर एंटी-ड्रग हेल्पलाइन 9625777399 भी जारी की है, ताकि नशे के खिलाफ प्रभावी लड़ाई को और मजबूत बनाया जा सके।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Most Popular

Recent Comments