Monday, January 19, 2026
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडश्रीलंका- चक्रवात दित्वाह ने मचाई तबाही, अब तक 334 की मौत, 370...

श्रीलंका- चक्रवात दित्वाह ने मचाई तबाही, अब तक 334 की मौत, 370 लोग लापता

11 लाख से अधिक लोग प्रभावित

कोलंबो। श्रीलंका इन दिनों चक्रवात दित्वाह की विनाशकारी मार झेल रहा है, जिसने देश के कई हिस्सों में व्यापक तबाही मचा दी है। लगातार बारिश, तेज हवाओं और भारी बाढ़ के कारण हालात इतने बिगड़ गए हैं कि हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं और कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। देश के डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर (DMC) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अब तक 334 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 370 से अधिक लोग लापता हैं। सबसे अधिक नुकसान कैंडी जिला में दर्ज किया गया है, जहां अकेले 88 लोगों की जान गई और 150 लोग अभी भी लापता हैं।

आपदा का असर कई जिलों में गहरा रहा—बादुला में 71, नुवारा एलिया में 68 और मटाले में 23 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। DMC ने बताया कि कुल 3,09,607 परिवारों के 11 लाख से अधिक लोग किसी न किसी रूप में इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ ने नदियों के जलस्तर को ऐतिहासिक स्तर तक पहुंचा दिया, जिससे कई शहर पूरी तरह जलमग्न हो गए है, बड़े पुल बह गए और कई महत्वपूर्ण सड़कें और इमारतें ढह गईं।

नेपाल की आपात सहायता

चक्रवात से जूझ रहे श्रीलंका की कठिनाइयों को देखते हुए नेपाल सरकार ने आगे आकर 2 लाख अमेरिकी डॉलर की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यह राशि राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए उपयोग की जाएगी। कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण संचार और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

स्टारलिंक की बड़ी घोषणा—मुफ़्त इंटरनेट

आपदा के दौरान संचार व्यवस्था को बनाए रखने की कोशिश में, स्टारलिंक ने प्रभावित क्षेत्रों में मुफ़्त इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने की घोषणा की है। कंपनी ने कहा कि दिसंबर 2025 तक नए और पुराने सभी उपयोगकर्ताओं को मुफ्त कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी, ताकि राहत और बचाव कार्यों में तेजी आ सके।

भारत का ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू

श्रीलंका की स्थिति को देखते हुए भारत ने मानवीय आधार पर ऑपरेशन सागर बंधु की शुरुआत की है। भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के माध्यम से 21 टन राहत सामग्री, 80 से अधिक NDRF के जवान और 8 टन महत्वपूर्ण उपकरण कोलंबो पहुंचाए गए। इसके अलावा पुणे से भी NDRF की एक टीम और अतिरिक्त उपकरण एयरलिफ्ट किए गए।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत ने मुश्किल हालात में भी तेज और समन्वित राहत कार्य करते हुए अपने पड़ोसी देश के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Most Popular

Recent Comments