Monday, January 19, 2026
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडदिलीप जावलकर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित...

दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित हुई

देहरादून, । सचिवालय के वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में आज सचिव जलागम एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्यभर से जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई तथा आठ नई कार्य योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनकी कुल लागत घ्2468.55 लाख रु है। इनमें से घ्1861.16 लाख रु की धनराशि ै।त्त्। द्वारा आवंटित की जाएगी।  सचिव ने सभी जनपदों को “वन डिस्ट्रिक्ट, वन रिवर” की अवधारणा पर आधारित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक जनपद अपनी एक प्रमुख या संकटग्रस्त नदी की पहचान कर उसके कैचमेंट एरिया में जल स्रोतों के पुनर्जीवन और संचयन कार्यों को प्रभावी रूप से लागू कर सके। उन्होंने कहा कि जनपदीय स्तर पर समितियों की बैठकें कर प्रस्तावों को आगामी राज्य स्तरीय बैठक में प्रस्तुत करें।
साथ ही उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जल संरक्षण कार्यों में स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा ग्राम पंचायत स्तर पर धारा-नौला संरक्षण समितियों का शीघ्र गठन किया जाए, जो स्थानीय स्तर पर निगरानी का कार्य करेंगी। इन समितियों को ै।त्त्। द्वारा वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने पारंपरिक धारों और नौलों की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए उनके पुनर्जीवीकरण पर विशेष बल दिया और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए पैराहाइड्रोलॉजिस्टों की तैनाती करने के निर्देश दिए। श्री जावलकर ने सभी कार्य क्षेत्रों में जल संरक्षण हेतु ईको-फ्रेंडली संरचनाएँ  विकसित करने पर जोर दिया तथा संबंधित विभागों, शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता को क्षमता विकास एवं कार्यशालाओं से जोड़ने की बात कही, ताकि जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप दिया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि विभिन्न कार्य योजनाओं के अंतर्गत निर्मित चेक डैमों की वर्षा काल के बाद स्थिति का मूल्यांकन किया जाए।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी कहकशां नसीम ने एक करोड़ से अधिक लागत की आठ कार्य योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिनमें पौड़ी की तीन, नैनीताल की दो, चंपावत की एक और पिथौरागढ़ की दो योजनाएं शामिल हैं। इस अवसर पर बैठक में संयुक्त निदेशक डा. ए के डिमरी, परियोजना निदेशक कुमाऊं डॉ. एस के उपाध्याय, परियोजना निदेशक गढ़वाल डा. छै बर्फाल, केंद्रीय भूजल बोर्ड, विभिन्न जनपदों से मुख्य विकास अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, सिंचाई, लघु सिंचाई, कृषि, ग्राम विकास विभागों सहित विभिन्न एन०जी०ओ० के प्रतिनिधि ऑनलाइन  माध्यम से जुड़े थे तथाराज्य स्तरीय टीम उपस्थित रही।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Most Popular

Recent Comments