Tuesday, March 31, 2026
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प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के शहरों की धारण क्षमता का आंकलन किया जा रहा : CM

देहरादून,। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को आई.एस.बी.टी. के निकट एक होटल में आयोजित संवाद उत्तराखण्ड ‘विकास की बात’ कार्यक्रम में कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता राज्य स्थापना दिवस से पूर्व लागू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास और पर्यावरण में संतुलन बनाकर कार्य किये जा रहे हैं। राज्य ग्रास एन्वायरमेंट प्रोडक्ट (जी.ई.पी) की दिशा में आगे बढ़ा है। जल, जमीन, जंगल और हवा को समाहित कर जीईपी सूचकांक बनाया गया है। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के शहरों की धारण क्षमता का आंकलन किया जा रहा है, धारण क्षमता के हिसाब से उनका सुनियोजित विकास किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी राज्यों के लिए प्रत्येक वर्ष मानसून का समय चुनौतीपूर्ण रहता है। प्राकृतिक आपदाओं की समस्याओं से जूझना पड़ता है। श्री केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर अनेक स्थलों पर मलबा आने की वजह से यात्रा मार्ग बाधित हुआ है। श्रद्धालुओं को श्री केदारनाथ से सुरक्षित लाने का कार्य जारी है। 10 हजार से अधिक यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। केदारनाथ यात्रा मार्ग के प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत संरचना त्रके रेस्टोरेशन के लिए गढ़वाल आयुक्त को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सचिवों को वहां कैम्प करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हरेला पर्व से एक माह तक व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस अवधि में 01 करोड़ से अधिक पौधे लगाये जाने का लक्ष्य रखा गया है। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने अपनी मां के नाम से वृक्षारोपण किया और उनकी मां ने भी अपनी मां के नाम वृक्षारोपण किया।

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