Thursday, February 12, 2026
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बॉलीवुड सितारों को मिली धमकियाँ

मुंबई — भारतीय फिल्म उद्योग पर संगठित अपराध का साया एक बार फिर गहरा गया है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने बॉलीवुड के हाई-प्रोफाइल अभिनेताओं को निशाना बनाकर दी गई बेहद डरावनी धमकियों की पुष्टि की है। अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ डिजिटल रंगदारी की कोशिश के बाद, जांचकर्ता अब सुपरस्टार सलमान खान के बहनोई और अभिनेता आयुष शर्मा को भेजे गए एक धमकी भरे ईमेल की जांच कर रहे हैं।

11 फरवरी, 2026 को सामने आई इन धमकियों ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के कथित डराने-धमकाने वाले अभियान की गहन जांच शुरू कर दी है। डिजिटल धमकियों में यह उछाल फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास के बाहर 31 जनवरी को हुई फायरिंग की घटना के बाद आया है, जिसने मुंबई पुलिस को हाई अलर्ट पर रहने को मजबूर कर दिया है।

डिजिटल पर्दा: एन्क्रिप्टेड धमकी

जांचकर्ताओं के अनुसार, आयुष शर्मा को धमकी ‘प्रोटोन मेल‘ (Proton Mail) के जरिए दी गई थी। यह स्विट्जरलैंड स्थित एक ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड’ सेवा है, जो उपयोगकर्ता की गोपनीयता की सुरक्षा के लिए जानी जाती है। भेजने वाले ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े होने का दावा किया और कथित तौर पर क्रिप्टोकरेंसी में फिरौती की मांग की। प्रोटोन मेल का उपयोग करके, अपराधियों ने पारंपरिक डिजिटल ट्रेसिंग तंत्र को चकमा दे दिया, जिससे साइबर-फोरेंसिक टीम के लिए स्रोत का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

इससे कुछ दिन पहले, अभिनेता रणवीर सिंह को उनके मैनेजर के व्हाट्सएप नंबर पर भेजे गए एक वॉयस नोट के माध्यम से निशाना बनाया गया था। पुलिस ने पुष्टि की कि भेजने वाले ने अपनी नेटवर्क पहचान और स्थान छिपाने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का उपयोग किया था। इस ऑडियो क्लिप में जबरन वसूली करने वाले ने कथित तौर पर लगभग ₹10 करोड़ की राशि की मांग की थी।

मुंबई क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “प्रोटोन मेल और वीपीएन जैसे परिष्कृत उपकरणों का उपयोग डराने-धमकाने के पेशेवर दृष्टिकोण को दर्शाता है। हम गोपनीयता की इन परतों में सेंध लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय कर रहे हैं।”

एक समन्वित अभियान: रोहित शेट्टी कनेक्शन

अधिकारियों का मानना ​​है कि ये व्यक्तिगत धमकियां कोई अलग-थलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि मनोरंजन उद्योग पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बिश्नोई सिंडिकेट की एक समन्वित रणनीति का हिस्सा हैं। वर्तमान जांच का मुख्य केंद्र रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग है, जिसकी जिम्मेदारी बिश्नोई गैंग के नाम से एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ली गई थी।

मुंबई क्राइम ब्रांच ने शेट्टी फायरिंग मामले में कड़े महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) को लागू किया है। बुधवार को, पांच आरोपियों—आदित्य गायकी, सिद्धार्थ येनपुरे, समर्थ पोमजी, स्वप्निल सकट और आशाराम फासले— को एक विशेष अदालत में पेश किया गया और 17 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

गैंग की कार्यप्रणाली: मास्टरमाइंड और गुर्गे

जांच में गोपनीयता बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किए गए एक श्रेणीबद्ध परिचालन ढांचे का खुलासा हुआ है। पुलिस का आरोप है कि लॉरेंस बिश्नोई का फरार सहयोगी शुभम लोनकर, शेट्टी फायरिंग और 2024 में राकांपा नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या, दोनों का मास्टरमाइंड है।

गिरफ्तार संदिग्धों में से एक, आशाराम फासले, कथित तौर पर गिरोह के लिए गैरेज मैकेनिक के रूप में काम करता था। जांचकर्ताओं का दावा है कि फासले ने लोनकर के सीधे निर्देशों पर जुहू फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियारों की आपूर्ति की थी। आरोपी कथित तौर पर सिग्नल (Signal) ऐप के जरिए संवाद करते थे और पकड़े जाने से बचने के लिए चैट को बार-बार डिलीट कर देते थे।

बिश्नोई सिंडिकेट का निरंतर खतरा

गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व वाला गिरोह अक्सर फिल्मी हस्तियों को निशाना बनाता रहा है। इस सिंडिकेट को पहली बार सलमान खान के खिलाफ दी गई धमकियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बदनामी मिली, जिसका कारण 1998 का काला हिरण शिकार मामला बताया गया था। हालांकि, विशेषज्ञों का सुझाव है कि यह समूह अब एक अंतरराष्ट्रीय रंगदारी हब में विकसित हो गया है, जो सत्ता प्रदर्शन और “संरक्षण धन” (protection money) सुरक्षित करने के लिए अभिनेताओं और व्यापारियों को निशाना बनाता है।

रणवीर सिंह और आयुष शर्मा को मिली हालिया धमकियां हाई-टेक रंगदारी की ओर एक बदलाव का संकेत देती हैं, जहाँ बिना शारीरिक निकटता के उद्योग के दिग्गजों पर दबाव डालने के लिए वैश्विक डिजिटल उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।

विशेषज्ञ की राय: अंडरवर्ल्ड की रणनीति में बदलाव

सुरक्षा विश्लेषक और पूर्व आईपीएस अधिकारी डी. शिवानंदन ने उभरते परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए कहा:

“मुंबई अंडरवर्ल्ड ‘डोंगरी’ मॉडल से ‘डिजिटल’ मॉडल की ओर बढ़ गया है। एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का उपयोग करके, वे सर्वव्यापकता का अहसास पैदा करते हैं। पुलिस को अब इन सिंडिकेट्स के मनोबल को तोड़ने के लिए उन्नत साइबर-इंटेलिजेंस के साथ इस डिजिटल परिष्कार का मुकाबला करना होगा।”

सुर्खियों में सुरक्षा सुनिश्चित करना

जैसे-जैसे मुंबई पुलिस बयान दर्ज कर रही है और डिलीट किए गए चैट को डिकोड कर रही है, प्रभावित अभिनेताओं के आवासों के बाहर सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई है। इन मामलों का समाधान मुंबई क्राइम ब्रांच की उस क्षमता की एक महत्वपूर्ण परीक्षा होगी, जिसके जरिए वे आधुनिक तकनीक का लाभ उठाने वाले संगठित अपराध नेटवर्क को ध्वस्त कर सकते हैं। बॉलीवुड के लिए, “बिश्नोई का साया” इस तेजी से जुड़ी हुई, लेकिन खतरनाक डिजिटल दुनिया में प्रसिद्धि की कीमत की एक गंभीर याद दिलाता है।

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