Monday, January 19, 2026
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडकम उम्र में बाल सफेद होने की बढ़ती समस्या: जानें असल कारण

कम उम्र में बाल सफेद होने की बढ़ती समस्या: जानें असल कारण

Reason Of White Hair in Youngage: आजकल युवाओं में समय से पहले बाल सफेद होने की समस्या तेज़ी से बढ़ रही है। मेडिकल साइंस में इसे प्रिमेच्योर हेयर ग्रेइंग कहा जाता है। जहां सामान्यतः बालों का रंग 30 वर्ष की उम्र के बाद बदलना शुरू होता है, वहीं अब कई लोग 18–20 वर्ष की उम्र में ही सफेद बालों का अनुभव करने लगे हैं। इसका सीधा संबंध मेलानिन नामक पिगमेंट के कम बनने या पूरी तरह रुक जाने से है, जो बालों को उनका मूल रंग देता है।

जैसे ही हेयर फॉलिकल में मौजूद मेलानोसाइट कोशिकाएं मेलानिन उत्पादन घटा देती हैं, बाल अपना रंग खोने लगते हैं और सिल्वर स्ट्रैंड्स दिखाई देने लगते हैं। यह बदलाव केवल उम्र की वजह से नहीं होता, बल्कि कई आंतरिक और बाहरी कारण इस प्रक्रिया को तेज़ कर देते हैं।

1. पारिवारिक इतिहास सबसे बड़ा कारण

कम उम्र में सफेद बाल होने में जेनेटिक्स का सबसे मजबूत रोल माना जाता है। यदि परिवार में पहले भी किसी के बाल जल्दी सफेद हुए हैं, तो यही प्रवृत्ति अगली पीढ़ी में भी देखने को मिल सकती है।
हालांकि जेनेटिक फैक्टर को पूरी तरह रोकना संभव नहीं, लेकिन हेल्दी डायट, अच्छी नींद और सही देखभाल से इसकी गति कम की जा सकती है।

2. लाइफस्टाइल और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस

लंबे समय तक तनाव, देर रात तक जागना, स्मोकिंग, और पोषणहीन आहार शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा देते हैं। यह स्ट्रेस मेलानोसाइट्स को नुकसान पहुंचाता है, जिससे बाल समय से पहले ही रंग खोने लगते हैं। तनाव कम करने की तकनीकों और पोषक तत्वों से भरपूर आहार से इस प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

3. पोषण की कमी

बालों के पिगमेंटेशन के लिए विटामिन B12, आयरन और कॉपर अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनकी कमी मेलानिन उत्पादन को प्रभावित करती है और ग्रेइंग की प्रक्रिया को तेज कर देती है। ऐसे में संतुलित भोजन और आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर द्वारा सुझाए गए सप्लीमेंट्स सहायक हो सकते हैं।

4. छुपी हुई मेडिकल कंडीशन का असर

कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी पिगमेंटेशन में हस्तक्षेप करती हैं—

थायराइड विकार

एनीमिया

विटिलिगो जैसी ऑटोइम्यून बीमारियां

इन समस्याओं में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मेलानिन बनाने वाली कोशिकाओं पर हमला कर सकती है। यदि बालों का सफेद होना अचानक बहुत तेज़ी से बढ़े, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करवाना बेहद जरूरी है, क्योंकि समय पर इलाज से स्थिति को सुधारा जा सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Most Popular

Recent Comments