Monday, January 19, 2026
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंड-यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पौड़ी जिले में अपने पूर्व विद्यालय रा.प्रा.वि....

-यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पौड़ी जिले में अपने पूर्व विद्यालय रा.प्रा.वि. ठांगर पहुंचे, छात्रों से किया संवाद

देहरादून, । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को पौड़ी जिले के यमकेश्वर विकासखंड के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय ठांगर का नव निर्माण, सौंदर्यीकरण कार्य एंव ग्राम पंचुर बारात घर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्कूली बच्चों के साथ संवाद किया एवं विद्यालय का अवलोकन भी किया। इस दौरान आईजीएल (इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड) की वार्षिक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। दोनों मुख्यमंत्रियों ने राजकीय जूनियर हाई स्कूल कांडी व राजकीय प्राथमिक विद्यालय विथ्याणी में भी जाकर विद्यालय का लोकार्पण किया और स्कूल के बच्चों के साथ बातचीत कर विद्यालय का अवलोकन भी किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने राजकीय प्राथमिक विद्यालय ठांगर में 5वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। उन्होंने कहा अपने विद्यालय में आकर उन्हें अपार प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। विद्यालय अब एक नए स्वरूप और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होकर दिख रहा है। पिछले एक वर्ष में यहां कई महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित की गई हैं, जो सराहनीय हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई और धन्यवाद दिया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि आईजीएल (इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड) द्वारा स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक लैब, वॉशरूम और वर्चुअल क्लास जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। पहले इतने संसाधन उपलब्ध नहीं थे, लेकिन आज टेक्नोलॉजी के प्रभावी उपयोग से शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव आ रहे हैं। यदि सरकार के पास स्पष्ट विजन हो और समाज उसमें सक्रिय भागीदारी करे, तो किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति संभव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले सीमित संसाधनों के बावजूद, गुरुजनों ने अनुशासन और समर्पण से उत्कृष्ट कार्य किए हैं। विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाल सभाएं, खेल-कूद प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं, जिनका सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण पर पड़ता था। उस समय के विद्यार्थी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आगे बढ़े और सफल हुए।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Most Popular

Recent Comments