देहरादून, । जैन धर्म के बारहवें तीर्थंकर श्री वासुपूज्य भगवान का मोक्ष कल्याणक पर्व अनंत चतुर्दशी पर्व बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया। प्रातः पूज्य क्षुल्लकरत्न 105 श्री समर्पण सागर जी महाराज के पावन सानिध्य मे श्री जी का अभिषेक एव शांतिधारा की गयी। इसके पश्चात भगवान् को 12 किलो का निर्वाण लड्डू एवं 1-1 किलो के लड्डू चढ़ाये गये।इसके बाद श्री दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन से भगवान की भव्य शोभायात्रा निकाली गयी। शोभा यात्रा मे विशेष रूप से आये मेरठ के प्रसिद्ध शहनाई वादन, नकुर का सुप्रसिद्ध ढोल-ताशा, मीरापुर का प्रसिद्ध आरजू बैंड द्वारा बहुत सुन्दर भक्ति गीत प्रस्तुत कर सभी श्रद्धालुगण एव बाजार में देखने वाले लोगों का खूब मन मोहा। जैन समाज के सभी लोग महिला पुरुष बच्चे शोभा यात्रा मे पूरे आनंद के साथ झूमते गाते रहे। श्री जी के रथ हेतु ख्वासी एवं सारथी बनने का सौभाग्य अमन जैन (ठाकुर ज्वेलर्स) को एवं कुबेर बनने का सौभाग्य अर्जुन जैन (न्यू आर्ट प्रेस) को प्राप्त हुआ। माँ जिनवाणी को रथ पर लेकर बैठने का सौभाग्य पवन जैन (रेस्ट कैंप), एवं कुबेर बनने का सौभाग्य श्री देव जैन प्रिया जैन (रेस्ट कैंप) को मिला। यात्रा के पश्चात श्री जी की शांतिधारा एवं आरती करने का सौभाग्य सौरभ सागर सेवा समिति को मिला।



